गज मणि या गजमुक्ता  हल्के हरे-भूरे रंग के, अंडाकार आकार का मोती, जिसकी जादुई और औषधीय शक्ति  सर्वमान्य  है । यह हाथी मोती  एक लाख हाथियों में से एक में पाये जाने वाला मोती का एक रूप है। मोती अत्यंत दुर्लभ है और इसलिए महंगा भी है जिस किसी के पास यह होता है वह बहुत भाग्यषाली होता है इसे एक अनमोल खजाने की तरह माना गया है ।इसके अलौकिक होने के प्रमाण हेतु अगर इसे नारियल के पानी में रखा जाए तो पानी दूधिया हो जाता है । इसी तरह अगर स्टेथोस्कोप से जांचने पर उसके दिन की धड़कन सुनी जा सकती है । अगर इसे हाथ में रखा जाता है तो थोड़ा कंपन महसूह किया जा सकता है । अगर गज मणि को आप नारयिल पानी में रखते हैं तो बुलबुले पैदा होने लगते हैं और पानी की मात्रा भी कम हो जाती है । चिकित्सकीय लाभ में जोड़ों के दर्द, बच्चे न पैदा होने की असमर्थता के इलाज और तनाव से राहत के लिए उपयोग किया जाता है ।कई भारतीय मंदिरों में हाथी मोती आपको स्थापित मिलेगा। हाथी मोती (पर्ल) /गज मुक्ता/गज मणि भगवान महालक्ष्मी को बहुत प्रिय है जो आपको धन -धान्य से भरपूर कर देगा । हाथी मोती हाथी दाँत के भीतर या उसकी जड़ के भीतर पाया जाता है । गज मणि विभिन्न आकार के हो सकते हैं । गज मणि को राजा महाराजाओं द्वारा खजाने में रखने एवं षरीर में धारण करने की प्रथा रही है । मेरे बहुत से मित्रों ने आज भी इनको घर में स्थापित किया किया है. If you want to buy or know more about it, please visit www.tantraveda.net

 

A Gajmukta is a pale white ivorish color oval roundish anatomical structure with light texture and a dull sheen on it. It has some great therapeutic uses, medicinal properties and some strange and magical healing powers. It can even cure cancer and other chronic ailments. Its like a white ivorish pearl found in very rare species of age old elephants. It’s a natural and antique article, extremely rare to find and very expensive. Has some great benefits like bringing huge fortune to the owner of this elephant pearl and these are also considered as some priceless treasures and rare finds found in certain type of elephants in the deep jungles. Few of my friends have Placed Them in their Homes and Worship places. If you want to buy or know more about it, please visit www.tantraveda.net